भारत में 2020 खत्म होने से पहले आ जाएगी पहली वैक्सीन, जानें कहां तक पहुंचा ट्रायल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत का पहली वैक्सीन इस साल के अंत तक आ जाएगी।

नई दिल्ली। भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी का कहर तेजी से बढ़ रहा है। भारत में प्रतिदिन अब करीब 70 हजार तक मामले सामने आने लगे हैं। इस बीच भारत में लोगों को कोरोना वैक्सीन को लेकर काफी उम्मीदें हैं। रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना ली है लेकिन आखिर भारत में पहली कोरोना वैक्सीन कब तक आ सकती है।

इसको लेकर देश के स्वास्थ्य मंत्री ने बड़ी जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो देश की पहली कोरोना वैक्सीन इस साल के अंत तक आ जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत का पहली वैक्सीन इस साल के अंत तक उपलब्ध हो सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि देश में कोरोना वायरस का पहला मामला 7 जनवरी, 2020 को सामने आया था और अगले ही दिन हमने कोरोना वायरस के खिलाफ नीति बना ली थी। डॉ. हर्षवर्धन ने जानकारी दी कि फिलहाल देश में कोरोना की वैक्सीन का तीसरे फेज का ट्रायल शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन महीनों में भारत में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च हो सकती है।  डॉ. हर्षवर्धन ने NDRF के 10 बेड वाले makeshift अस्पताल का उद्घाटन करते हुए बताया कि हमारी कोरोना वैक्सीन में से एक का ट्रायल तीसरे चरण में है। उन्होंने कहा है कि हमें हमें पूरा विश्वास है कि इस साल के अंत तक एक वैक्सीन विकसित हो जाएगी।

देश में चल रहा 3 वैक्सीनों का ट्रायल

वर्तमान में देश में तीन कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है।पहली वैक्सीन का नाम स्वदेशी रूप से कोवाक्सिन(Covaxin) है, जिसे  भारत बायोटेक ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आइसीएमआर) के साथ सयुक्त रूप से विकसित किया है। दूसरी वैक्सीन का नाम- जाइकोव-डी(Zykov-D) है, जिसे फार्मा कंपनी जायडस कैडिला(Zydus Cadila) ने विकसित किया है।

इसके अलावा देश में एक तीसरी वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है जिसका नाम कोविशील्ड(Covishield) है। इसे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय(Oxford University) द्वारा विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India), पुणे और एस्ट्राजेनेका द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित किया गया है। इसका ट्रायल फिलहाल पुणे में चल रहा है। इन तीन कोरोना वैक्सीनों का ट्रायल अलग-अलग चरणों में है। देश में फिलहाल एक वैक्सीन का ट्रायल तीसरे चरण में है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषषद (आइसीएमआर) कोरोना वैक्सीन से जुड़ी हर जानकारी देने के लिए एक पोर्टल तैयार कर रही है। अगले हफ्ते तक यह पोर्टल चालू भी हो जाएगा। इस पर भारत के साथ ही विदेश में बनने वाली कोरोना वैक्सीन की जानकारी अंग्रेजी समेत कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।