उत्तराखंड: इस साल सियासी चौसर पर खेली जाएगी सिर्फ चुनावी चाल, भाजपा-कांग्रेस और आप तैयार

नए साल में उत्तराखंड के प्रमुख राजनीतिक दल सियासी चौसर पर सिर्फ एक ही चाल खेलेंगे। वह होगी चुनावी चाल। 2021 के पहले ही दिन भाजपा और कांग्रेस ने अपने इरादे जाहिर कर दिए। हर बूथ को मजबूत करने के लिए भाजपा ने बैठकों के दौर शुरू किए तो कांग्रेस ने बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। भाजपा और कांग्रेस के इस आरोप-प्रत्यारोपों की जंग में आम आदमी पार्टी भी कूद पड़ी है।

हमारा इस साल का एजेंडा मिशन 2022: भगत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का कहना है कि हमारा नए साल का एजेंडा मिशन 2022 है। विधानसभा चुनाव को लक्ष्य मानकर पार्टी हर बूथ को मजबूत करेगी, क्योंकि पार्टी का मानना है कि बूथ, जीता तो चुनाव जीता। इसी सिद्धांत पर पार्टी अपने चुनावी लक्ष्य साधेगी। भगत के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा। 

पार्टी के सभी कार्यक्रम मिशन 
1. 2022 को लेकर चल रहे हैं। मेरा 70 विधानसभाओं का भ्रमण कार्यक्रम शुरू हो गया है। विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की स्पष्ट नीति है, मेरा बूथ सबसे मजबूत। पार्टी बूथ जीता चुनाव जीता के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। बूथ को मजबूत करने के लिए पूरे प्रदेश के 2367 शक्ति केंद्रों पर तीन जनवरी से 10 जनवरी तक शक्ति केंद्र पर समीक्षा बैठकें होंगी। हर बूथ पर पन्ना प्रमुख बनाने की योजना है।
2.विधानसभा चुनाव में हम जनता के बीच मे विकास के मुद्दे को लेकर जाएंगे। केंद्र व राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। चाहे जमरानी बांध निर्माण की स्वीकृति हो या चारों धामों को जोड़ने के लिए आलवेदर सड़क योजना या ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, अटल आयुष्मान आदि अनेकों महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं।
3.भाजपा के चुनाव का  एजेंडा विकास है। पूर्व में भी इसी एजेंडे के कारण लोगों ने भाजपा पर भरोसा जताया। पार्टी जो कहती है वो करती है। हमने अपने चुनावी घोषणा पत्र को 85 प्रतिशत पूरा कर लिया है। घोषणा पत्र में अवशेष कार्यों को भी 100 प्रतिशत शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। 

  1. संगठन में बहुत ही अच्छी रणनीति के साथ कार्य किये जा रहे हैं। संग़ठन में बदलाव की  आवश्यकता नहीं है।
  2. इसका निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के लोकप्रिय नेताओं में हैं। उन्होंने देश को विश्व गुरु के रूप स्थापित करने का कार्य किया है। प्रदेश में त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस की सरकार ने विकास के नए आयामों को छुआ है।

आप पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया
उत्तराखंड में तीसरे विकल्प का दावा कर रही आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर जवाब दिया है। 

आने वाले साल में विधानसभा चुनाव को लेकर आप पार्टी पूरी तरह से तैयार है। सबसे पहले  बूथ प्रतिनिधि नियुक्त करने का काम तेजी से चल रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि 31 जनवरी तक उत्तराखंड के 11 हजार 233 बूथ पर हर बूथ पर हमारे बूथ प्रतिनिधियों की नियुक्ति हो जाए। जिससे की पार्टी के कार्यक्रम और नीतियां उत्तराखंड के हर गांव कस्बे तक पहुंच सके। इस पर बड़ी तेजी के साथ काम हो रहा है। जहां तक मुद्दों की बात है तो मुद्दे लगभग वैसे ही है जैसे दिल्ली के है। हमें लगता है कि जनभावनाओं से जुड़े मुद्दे ही पार्टी की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी, बिजली व पानी से मुख्य मुद्दे हैं। सबसे बड़ी स्थिति पलायन को लेकर है। पार्टी का मानना है कि पलायन रोकने की जरूरत है, तो इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर काम करना जरुरी है। अगर लोगों को अच्छा रोजगार,अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मिल जाए तो निश्चित तौर पर पलायन को रोका जा सकता है। जहां तक एजेंडे को पूरा करने की बात है हमारा ये मानना है कि इसमें नीयत चाहिए। किसी भी आदमी की नीयत तय करती है कि वो चीजे तय होंगी या नहीं। अभी तक ये देखने में आया है कि जिन मुद्दों के साथ राजनीतिक पार्टियां चुनाव लड़ती है और चुनाव होने के बाद उन मुद्दों से पलट जाती है। जैसा कि आम आदमी पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड है कि जो हम कहते है वो करते हैं। ये हमने दिल्ली में करके दिखाया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी बेहतर काम किया है। आने वाले समय में अगर पार्टी की बात की जाए तो निश्चित तौर पर पार्टी के संगठन का विस्तार होगा। जिस प्रकार से पिछले दिनों भी हमने पार्टी में समाज के सभी वर्गों को रिप्रेजेंटेशन दिया था। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पार्टी संगठन को विस्तार देगी। उत्तराखंड में चेहरे का सवाल है तो पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने दौरे में कहा था कि वो एक देश भक्त होगा और साथ ही उन सपनों को पूरा करने में सहायक होगा जिस सपने को लेकर उत्तराखंड का निर्माण हुआ था और जिस उत्तराखंड के लिए लोगों ने शहादत दी थी। निश्चित तौर पर उन सपनों को पूरा करने में वो व्यक्ति अपना सब कुछ अर्पित करने वाला होगा।

संगठन और संघर्ष की दोहरी रणनीति पर काम कर रही है कांग्रेस 
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के मुताबिक कांग्रेस ने रोजगार और विकास को मुददा बनाना तय किया है। संगठन और संघर्ष का नारा इसीलिए दिया भी गया है। एक तरफ संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा रहा है और दूसरी तरफ जन हित के मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाया जा रहा है।

1- चुनाव के लिए तैयारी तो है ही। इसके साथ ही पार्टी ने जनहित के मुद्दों पर खुलकर संघर्ष करने का फैसला किया है। मतदाताओं को वास्तविक स्थिति से परिचित कराया जा रहा है और इसके लिए पार्टी सम्मेलनों का आयोजन भी करेगी। 

2- बेरोजगारी का मुद्दा प्रमुख है और इस पार्टी आक्रामक रूप से नए साल में सामने आएगी। किसान समस्या को पार्टी उठाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को भी पार्टी अपने स्तर से उठाएगी। शिक्षा का बुरा हाल है और करोड़ों के निवेश का दावा कर रही सरकार धरातल पर कुछ नहीं कर पाई। इसके अलावा प्रदेश में सरकारी की विफलता के अन्य कई मुद्दों को तीखे तरीके से उठाएगी

3- संगठन और संघर्ष एक साथ। इसका ऐलान भी पार्टी कर चुकी है। सोशल मीडिया का धारदार उपयोग। पार्टी को बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सूचनाओं से लैस करके भेजेंगे। 

4- पार्टी को और अधिक सक्रिय किया जा रहा है। जहां जरूरत होगी वहां पुनर्गठन किया जाएगा। निष्क्रियता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

5- यह पार्टी हाईकमान तय करेगा। पार्टी की कोशिश है कि कांग्रेस सत्ता में आए। सामूहिक नेतृत्व ही चुनाव लड़ रहा है।