महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट नाराज, जिला जज हरिद्वार से मांगी रिपोर्ट, मुख्‍य सचिव को मौजूद रहने के निर्देश

अगली सुनवाई 22 फरवरी को मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों से उस दिन उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

नैनीताल | हाईकोर्ट ने हरिद्वार महाकुंभ में इंतजाम को लेकर नाराजगी प्रकट की है। कोर्ट ने जिला जज हरिद्वार को हरिद्वार व ऋषिकेश के अस्पतालों में उपलब्ध बेड, वेंटिलेटर,  आइसीयू,  उपकरण, स्टाफ आदि का ब्योरा जुटाकर 21 फरवरी तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राज्य सरकार के दावों की हकीकत पता चल सके। अदालत ने राज्य सरकार को जल्द केंद्र सरकार को  मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने को कहा, ताकि जल्द महाकुंभ को लेकर एसओपी जारी हो सके।

कोर्ट ने राज्य सरकार से अन्य राज्यों की सरकारों से संपर्क कर श्रद्धालुओं को सीमित व्यवस्था होने का हवाला देते हुए सूचित करने को कहा है। कोर्ट ने महाधिवक्ता की ओर से आदेश के अनुपालन में कई गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी 15 फरवरी से पहले दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी और मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों से उस दिन उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान व न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व सच्चिदानंद डबराल समेत अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारी ऑनलाइन कोर्ट में पेश किए और उन्होंने अब तक किये इंतजाम का ब्यौरा पेश किया। कोरोना काल के चलते इतने बड़े आयोजन को लेकर हाईकोर्ट किसी तरह की लापरवाही नहीं होने देना चाहता। इसलिए महाकुंभ की घोषणा से ही शासन प्रशासन से पूरी कार्ययोजना को तलब कर लिया था। इसके बाद से लगातार निर्देश दे रहा है।