रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 14 शव बरामद, 52 हुई मृतकों की संख्या

रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरंग से छह शव निकाले गए हैं। इसके अलावा छह शव रैणी और दो शव रुद्रप्रयाग से बरामद किया गया। अब तक कुल 52 शव बरामद किए गए हैं जबकि सौ से ज्यादा लोग लापता हैं।

देहरादून। तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों तक पहुंचने में रेस्क्यू अभियान जारी है। मलबे के बैक फ्लो की वजह से उसे हटाने में टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ रही। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि सुरंग से छह शव निकाले गए हैं। उन्होंने बताया कि टीमें 130 मीटर तक पहुंच गई हैं और जल्द ही अगली सुरंग तक पहुंचने के लिए प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, छह शव रैणी और  दो शव रुद्रप्रयाग से मिला है। अब तक कुल 52 शव शव बरामद किए गए हैं, जबकि सौ से ज्यादा लोग लापता हैं। वहीं, डीएम स्वाति सिंह भदौरिया और एसपी यशवंत सिंह भी मौके पर हैं और राहत-बचाव कार्यों का जायजा ले रहे हैं। दूसरी ओर जोशीमठ पुलिस स्टेशन में अब तक 29 लापता लोगों के मामले दर्ज किए गए हैं। पहचान में सहायता के लिए परिवार के 55 सदस्यों के डीएनए नमूने लिए गए हैं। रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया गया कि आपदा विभाग की ओर से जारी सर्च एंड रेस्क्यू अभियान के तहत रविवार शाम रुद्रप्रयाग में एक शव मिला है। जिसे रुद्रप्रयाग अस्‍पताल के मोर्चरी में रखा गया है।

चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र में ऋषिगंगा की बाढ़ में तबाह हुई एनटीपीसी की 520 मेगावाट की तपोवन विष्णुगाड़ परिरयोजना की टनल में ड्रिलिंग कर दो शवों को बरामद कर दिया गया है। इनकी शिनाख्त आलम सिंह पुत्र सुंदर सिंह निवासी ल्वैल गुल्लर नरेंद्रनगर, टिहरी उत्तराखंड और अनिल पुत्र भगतू निवासी डाडवली समल्टा कालसी देहरादून उत्तराखंड के रूप में हुई है।

रविवार को मिले शवों की हुई शिनाख्त 

आलम सिंह पुत्र सुन्दर सिंह, निवासी टिहरी गढवाल, अनिल पुत्र भगत निवासी कालसी देहरादून, जितेंद्र कुमार पुत्र देशराज निवासी जम्‍मू कश्मीर, शेष नाथ पुत्र जय राम निवासी फरीदाबाद, जितेंद्र धनाई पुत्र मतवार सिंह निवासी टिहरी। सूरज ठाकुर पुत्र श्रीनिवास रामपुर कुशीनगर, जुगल किशोर पुत्र राम कुमार निवासी पंजाब, राकेश कपूर पुत्र रोहन राम निवासी हिमाचल प्रदेश, हरपाल सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी चमोली, वेद प्रकाश पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गोरखपुर, धनुर्धारी पुत्र राम ललित सिंह निवासी गोरखपुर। 

भारतीय सेना ने ऋषिगंगा पर रैणी गांव को जोड़ने वाला स्‍थायी पुल किया तैयार, आवाजाही शुरू 

भारतीय सेना के जवान आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में जुटे हैं। इसके अलावा जवानों ने रविवार को ऋषिगंगा पर रैणी गांव से जोड़ने के लिए अस्‍थायी पुल बनाया है।

दोनों तरफ से गांव को जोड़ने वाला पुल आपदा की भेंट चढ़ गया था। जिसके बाद आवाजाही करने में परेशानी हो रही थी। लेकिन अब सेना की ओर से तैयार इस स्‍थायी पुल से लोग गांव से दूसरे छोर तक आवाजाही कर रहे हैं। 

टनल के अंदर रेस्क्यू में जुटी एनडीआरएफ की टीम ने पहला शव तड़के 4:45 बजे व दूसरा शव सुबह 5:50 बजे परियोजना की इंटेक एडिट टनल से बरामद किया। इस टनल में सात फरवरी से ही रेस्क्यू आपरेशन चल रहा है। जिन दो व्यक्तियों के शव टनल से बरामद हुए हैं। उनकी घटना के दिन से ही मलबे में दबे होने की संभावना जताई जा रही थी। रेस्क्यू टीम द्वारा ड्रोन कैमरे की मदद से टनल के अंदर लापता व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।

चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया व पुलिस कप्तान यशवंत सिंह चौहान ने टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू कार्यों का जायजा लिया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि टनल के अंदर रेस्क्यू कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। एनडीआरएफ सहित अन्य टीमें रेस्क्यू में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि टनल के अंदर फंसे व्यक्तियों के जीवित होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

यदि टनल के अंदर कोई जीवित व्यक्ति बरामद होता है तो उसका तत्काल उपचार कराने के लिए यहां पर बनाए गए अस्थाई हेलीपैड में हेलीकाप्टर की भी तैनाती की गई है। घटनास्थल पर मेडिकल टीमों की भी तैनाती की गई है। ताकि यदि कोई घायल मिले को उसका यहीं पर प्राथमिक उपचार किया जा सके।