लोगों की निजता की कीमत आपकी 2-3 ट्रिलियन की कंपनी से अहम, सुप्रीम कोर्ट का वाट्सएप और FB को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों को भारी आशंका है कि उनकी प्रिवेसी खतरे में है और उनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इसी दौरान कोर्ट ने कहा कि आपकी 2-3 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी से भी ज्यादा जरूरी लोगों की निजता है।

नई दिल्ली। वाट्सएप की नई प्रिवेसी पॉलिसी को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि हो सकता है कि आप 2-3 ट्रिलियन की कंपनी हों, लेकिन लोगों की निजता इससे कहीं ज्यादा कीमती है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फेसबुक और वाट्सएप को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी करते हुए वाट्सएप से उसकी नई प्रिवेसी नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रतिक्रिया मांगी गई है, जिसे भारत में इस साल जनवरी में लागू किया गया था। अब इस मामले पर चार सप्ताह बाद दोबारा सुनवाई होगी। 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों को भारी आशंका है कि उनकी प्रिवेसी खतरे में है और उनकी सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इसी दौरान कोर्ट ने कहा कि आपकी 2-3 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी से भी ज्यादा जरूरी लोगों की निजता है। 

याचिका में कहा गया कि वाट्सएप ने यूरोप और भारत के लिए अलग पैमाने अपनाए है। इसपर वाट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘यूरोप में निजता पर विशेष कानून है, अगर भारत में भी इसी तरह की कानून है तो इसका पालन करेंगे।’ 

बता दें कि वाट्सएप की नई पॉलिसी को लेकर देश में खासा बवाल मचा हुआ है। कंपनी ने फिलहाल पॉलिसी पर रोक लगा रखी है और कंपनी का मानना है कि इससे लोगों को समझने में आसानी होगी। वहीं, वाट्सएप की नई पॉलिसी को लेकर पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पहली सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा थ कि वाट्सएप एक प्राइवेट मैसेजिंग एप है और यदि इससे आपकी निजता भंग होती है कि आप इस एप को डिलीट कर दें। आप जिस एप पर भरोसा करते हैं उस एप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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